कवर्धा में फर्जी प्रमाण पत्र कांड: दो शिक्षक बने जांच के घेरे में, आदिवासी समाज ने कलेक्ट्रेट में दी चेतावनी

कवर्धा। सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सामान्य वर्ग के दो शिक्षकों ने खुद को अनुसूचित जनजाति साबित करने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया और उसी आधार पर नौकरी हासिल की। मामला उजागर होते ही आदिवासी समाज में आक्रोश फैल गया।
गुरुवार को आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग सामाजिक पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर आरपी देवांगन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि दोषी शिक्षकों पर तत्काल बर्खास्तगी और एफआईआर दर्ज की जाए।
‘हक छीना गया, सम्मान से खिलवाड़’
ज्ञापन में आदिवासी समाज ने कहा कि इन शिक्षकों की करतूत से न केवल वास्तविक पात्र उम्मीदवारों का हक छिना है, बल्कि समाज के सम्मान को भी ठेस पहुंची है। अजजा के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कामू बैगा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रशासन बोले—जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
डिप्टी कलेक्टर देवांगन ने मामले की गंभीरता को स्वीकारते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



